कांग्रेस-सपा के गठबंधन का ऐलान जल्द ! दोनों पार्टियों की इन महिला लीडर्स की हुई दिल्ली में मुलाक़ात…

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यूपी चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी में मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि यूपी चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन जल्द हो सकता है। दोनों ही पार्टियों ने संकेत दे दिए है कि इसी सप्ताह के अंत तक दोनों पार्टियां संयुक्त चुनाव प्रचार का औपचारिक ऐलान कर सकती है।

 

सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव और डिंपल यादव के साथ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी चुनाव प्रचार करते नजर आएंगे। दरअसल बुधवार को दिल्ली में डिम्पल सिंह यादव और प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच दिल्ली में मुलाकात हुई है, यूपी में गठबंधन को लेकर।

कांग्रेस 90 से 105 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है बांकी बचे सीटों राज्य में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी चुनाव लड़ेगी। गठबंधन का ऐलान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के भारत लौटने के बाद हो सकता है।

समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में इस समय पारिवारिक कलह में फंसी है तो वहीं कांग्रेस में बड़े जनाधार वाले नेता की कमी है। ऐसे में गठबंधन होता है तो दोनों ही दलों को सत्ता में लौटने के लिए मदद कर सकती है।

अखिलेश का खेमा समाजवादी पार्टी में फिलहाल मजबूत माना जा रहा है। उन्हें करीब 221 विधायकों और एमएलसी का समर्थन प्राप्त है। अगर विधानसभा चुनाव में अखिलेश खेमा और मुलायम खेमा अलग-अलग जाती है तो कांग्रेस से गठबंधन मुख्यमंत्री को मदद पहुंचा सकती है। वहीं कांग्रेस के लिए भी संजीवनी का काम करेगी।

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में प्रोफेशनल चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को प्रचार की जिम्मेदारी दी है। वह बिहार फॉर्मूले पर उत्तर प्रदेश में महा-गठबंधन की कोशिश कर चुके हैं। अब खबर है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का गठबंधन हो सकता है।

समाजवादी पार्टी की ओर से अखिलेश यादव सीएम के चेहरे हैं जबकि कांग्रेस ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को चेहरा बनाया है। ऐसे में अगर गठबंधन होता है तो कांग्रेस शीला दीक्षित के नाम को वापस लेगी। कांग्रेस 27 साल से उत्तर प्रदेश में सत्ता से बाहर है।

पिछले दिनों एक टीवी न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए शीला दीक्षित ने कहा था कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सीएम पद के लिए मुझसे बेहतर प्रत्याशी हैं। उन्होंने कहा था, ”समाजवादी पार्टी के नेता तथा यूपी के मौजूदा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस पद के लिए मुझसे कहीं बेहतर प्रत्याशी हैं और वह अखिलेश के लिए रास्ता छोड़ देने में ‘खुशी’ महसूस करेंगी।”